अलीगढ़ 23 जून युवा प्राइवेट डॉक्टरों ने मिलकर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है जिसका चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है एक तरफ जब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर हड़ताल पर थे तब प्राइवेट डॉक्टर मिलकर नन्हें रूपेश की जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे हुआ यूँ कि अलीगढ़ की सामाजिक संस्था उड़ान सोसाइटी द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन को तीन दिन पूर्व मेडिकल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वालीं रचना ने सूचना दी कि इमरजेंसी के बाहर सोरों निवासी हरपाल अपनी पत्नी पुष्पा और सात माह के बच्चे को लेकर पड़ा हुआ है मेडिकल में डॉक्टरों की हड़ताल होने के कारण उसे मदद की दरकार है उड़ान सोसाइटी के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा ने तत्काल सूचना पर चाइल्ड लाइन की टीम सदस्य नीलम सैनी को
जाकर देखने का आदेश दिया नीलम सैनी ने जाकर देखा तो बालक की हालत काफी ख़राब थी और माँ पुष्पा के हाथ पैरों में भी सूजन थी मामले की जानकरी डॉ विभव वार्ष्णेय को दी गयी तो उन्होंने बच्चे को देखकर बताया कि इसका इलाज डॉ नागेश वार्ष्णेय करेंगे साथ ही डॉ विभव ने डॉ नागेश को फ़ोन भी कर दिया ज्ञानेंद्र मिश्रा ने भी डॉ नागेश के साथ साथ सनराइज हॉस्पिटल में बालक के सीटी स्कैन हेतु डॉ आलोक से निवेदन किया एवं हाईटेक पैथोलॉजी के संचालक डॉ भरत वार्ष्णेय ने भी अपने यहाँ नन्हें रूपेश की अन्य जाँचें निशुल्क कर दी जांचोपरान्त पता चला कि बालक को हाइड्रोसेफलस नामक रोग है जिसका तत्काल ऑपरेशन न हुआ तो बालक की जान भी जा सकती है डॉ नागेश ने बालक को तत्काल रामघाट रोड स्थित अभिश्री हॉस्पिटल में डॉ ऋषभ गौतम से बात कर भर्ती कराया और अगले दिन प्रात: पांच बजे ही ऑपरेशन कर दिया उड़ान सोसाइटी के ज्ञानेंद्र मिश्रा, राकेश खंडेलवाल,भारत सिंह, एडवांस
कैरिअर कंप्यूटर इंस्टिट्यूट के गोपाल माहौर सर, परमार्थ सेवा संस्थान के टीम सदस्य स्वयंभू सिद्दार्थ,सीए विकास अग्रवाल, दुष्यंत पंडित, प्रकाश उपाध्याय, आदि आज बालक को देखने हॉस्पिटल पहुँचे तथा डॉक्टरों का इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद दिया । साथ ही सभी ने बालक के परिजनों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी बालक की हालत स्थिर बनी हुई है और सम्भावना है कि कल उसकी छुट्टी कर दी जाएगी ।