स्तनपान कराने से बच्चे को मिलती है रोगों से लड़ने की ताकत
छह माह तक बच्चों को सिर्फ स्तनपान कराना जरूरी : सीएमओ
अन्नू सोनी की रिपोर्ट –
अलीगढ़ । बच्चे को जन्म के पहले घंटे के अंदर में मां का पीला गाढ़ा दूध देना जरूरी है। यह शिशु के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए अति आवश्यक है। यह शिशु को डायरिया, निमोनिया व कुपोषण से ही नहीं बल्कि माताओं को ब्रेस्ट कैंसर से भी बचाता है। छह माह तक सिर्फ स्तनपान शिशु के लिए वरदान सामान है। यह कहना है स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल वार्ष्णेय का।

महिला चिकित्सालय अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल वार्ष्णेय
स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया कि छह माह तक स्तनपान कराने से बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। कोरोना ही नहीं, बल्कि कई अन्य संक्रामक बीमारियों से मां का दूध बच्चे को पूरी तरह से महफूज बनाता है। इसलिए जन्म के पहले घंटे में मां का पहला पीला गाढ़ा दूध शिशु को जरूर पिलाना चाहिए। स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए ही हर साल एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इस साल इस सप्ताह की थीम- ‘स्तनपान सुरक्षा की जिम्मेदारी, साझा जिम्मेदारी’ तय की गई है।
दूध से मिलती है रोगों से लड़ने की ताकत :
डॉ. चंचल वार्ष्णेय ने कहा – कि जन्म के बाद बच्चे काफी नाजुक होते हैं उन्हें कोई भी संक्रमण या बीमारी तुरंत अपना शिकार बना सकती है, जिससे बचने के लिए स्तनपान समय-समय पर कराना जरूरी होता है। इससे बच्चे के शरीर में धीरे-धीरे ताकत मिलती रहती है, जिसकी वजह से वह बीमारियों से लड़ने में कामयाब हो पाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मां के दूध में सभी जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शुरुआती रोगों से लड़ने में सक्षम बनाते हैं।
सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। नवजात शिशुओं को बीमारी और कुपोषण से बचाने और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्तनपान सप्ताह में धात्री माताओं में जागरूकता लाने की कोशिश की जा रही है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की चिकित्सा स्वास्थ्य इकाइयों एवं हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर भी नवजात शिशुओं की माताओं को बताया जा रहा है कि छह माह तक बच्चों को स्तनपान जरूर कराएं। इसके साथ ही यह भी जानकारी दी जा रही है कि जन्म के एक घंटे के अंदर मां का पीला गाढ़ा दूध देना जरूरी है क्योंकि जन्म के बाद नवजात शिशु को बीमारियों के संक्रमण से बचाने में यह कारगार है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार ने कहा कि जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर मां और समुदाय को स्तनपान के फायदे भी बता रही हैं। इसके साथ ही जन समुदाय में शिशु को बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दे रही है। छह माह तक बच्चों को स्तनपान कराना बहुत जरूरी होता है क्योंकि इससे उनके शरीर को विकसित होने में काफी मदद मिलती है।
स्तनपान से माताओं को फायदे :
स्तनपान की मदद से सिर्फ बच्चे को ही नहीं बल्कि उसकी मां को भी काफी फायदा मिलता है। स्तनपान कराने से बच्चे की मां को गर्भाशय में होने वाले कैंसर से बचाया जा सकता है। स्तनपान ब्रेस्ट व डिम्ब ग्रंथि के कैंसर की संभावनाओं को कम करता है। प्रसव के बाद मोटापे से बचाता है। प्रसव के बाद माताओं में होने वाली एनीमिया की शिकायत को कम करता है। खून के बनने की दर को बढ़ाता है।